Tuesday, March 31, 2009

"शौषण"

सच कहा है ..
किसी के लिए कितना भी कर लो,
कम पढ़ ही जाता है...
मैंने पूरी जी जान लगा दी
अपना लक्ष दाव पर लगा दिया
कोई कसर नहीं छोडी
किसी को शिकायत का मौका भी नहीं दिया
ज्यादा नहीं चाहा था मैंने
तमन्ना, तमन्ना ही रह कर
कही दिल के किसी कोने में दब गई
कहाँ हुई गलती,
कहाँ हुई भूल,
की
फूल पाने की आरजू थी
और दामन में गिरे तो सिर्फ
बेवफाई के कांटे
नफरत की झंझोड़ देने वाली आंधी...
ऐ खुदा
बदल दे हालात मेरे...
अब ये आवाज़ नहीं निकलती दिल से
हिम्मत दे अपने चाहने वालो को
की तेरे ही बन्दों से मिली हुई
नफरत को
तेरा आशीर्वाद समझ लू...

Sunday, March 22, 2009

"राहें"

आज ज़िन्दगी किस राह पर
ले जा रही है
जो कभी सोचा ना था
वो करवा रही है
और जो सोचा था
उसका तो
नामो निशाँ ही नही है
सावन भी बरस कर चल दिया
और कलि पर भी
पूरा यौवन आ गया
कायनात ने अपना नियम
अदा कर दिया
लेकिन
मेरा रास्ता क्यों बदल दिया
जो नही कर सकती थी
वो भी करवा दिया
और भरपूर करवाया की
शिकायत भी करने की
गुंजाइश न रही
ये "उसकी" कृपा थी
या
मेरा करम
की अपने "नसीब" से
मुझे "इशक" करवा दिया

Sunday, March 15, 2009

मिलन

मेरी इबादत रंग ले आई
आज चारो तरफ़ प्रेम की कलियाँ मुस्काई
मेघ भी जम कर बरसे
आज इन्द्रधनुष ने भी भरपूर रंग दिखाए
चांदनी जी भर के बिखेरी चाँद ने
आज सिमट गया हर भंवरा कलि में
महक गई दिशाए संदली सी खुशबू से
आज पूरी हो गई हर तमन्ना दीदार - ऐ - यार से
जुदाई के काले बादलों की छठा हट गई
आज नदी सागर से जा कर मिल ही गई
नाच उठे अनगिनत मौर दिल के बागीचे में
आज पाया ख़ुद को उनकी बाहों में
हर पल थी इसी पल के इंतज़ार में
आज हो गई "पूरी" उनके प्यार में